मध्य प्रदेश

कराटे चैंपियन प्रियंका CM कमलनाथ को लौटाएंगी अपना गोल्ड मेडल

बैतूल
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल (Betul) जिले में एक मजदूर की बेटी प्रियंका को कराटे (Karate) में अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Level) पर गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतने के बावजूद पिछले दो वर्षों से प्रमाण पत्र देने के लिए इंतजार कराया जा रहा है. प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण प्रियंका ने जिला अधिकारियों से लेकर केंद्रीय खेल मंत्री तक से गुहार लगाई, लेकिन जब कोई मदद नहीं मिली तो उसने अब सीएम कमलनाथ (CM Kamal Nath) को अपना गोल्ड मेडल लौटाने का फैसला किया है.

प्रियंका चोपड़े ने वर्ष 2017 में आगरा में इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन द्वारा आयोजित कराटे प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था. प्रियंका ने इस प्रतियोगिता की 56 किलो भार में वर्ग चीन और ब्राज़ील की खिलाड़ियों को हराकर गोल्ड अपने नाम किया था. प्रियंका इस गोल्ड मेडल को अपने पास रखना नहीं चाहती और वो सीएम कमलनाथ को अपना गोल्ड मेडल लौटाने जा रही हैं. दरअसल, गोल्ड जीतने के दो साल बाद भी उसे अब तक इसका प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है, जिसकी वजह से उसने अपना मेडल CM को वापस करने का फैसला लिया है.

प्रियंका ने बताया कि प्रमाण पत्र नहीं मिलने की वजह से उसे भोपाल की खेल अकादमी में एडमिशन नहीं मिल सका. इसकी वजह से उसकी 2 करोड़ की स्कॉलरशिप भी रुक गई. इतना ही नहीं प्रियंका वर्ष 2017 के बाद से किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकी.

प्रियंका के पिता ने प्रियंका के प्रमाण पत्र के लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर केंद्रीय खेल मंत्री रह चुके राज्यवर्धन सिंह राठौर तक को पत्र भेजे, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. अपनी होनहार बेटी का भविष्य यूं बर्बाद होते देख वे बेहद दुखी हैं.

वहीं बैतूल जिले के शिक्षा विभाग और खेल एवं युवक कल्याण विभाग ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है. उनके मुताबिक ये उनके स्तर का मामला नहीं है.

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