खेल

पोलार्ड की चालाकी देख हसंने लगे सभी, अंपायर को बदलना पड़ा ‘नो-बॉल’ का फैसला

लखनऊ 
कैरेबियाई दिग्गज ऑलराउंड कायरन पोलार्ड लंबे-लंबे छक्के जड़ने के अलावा अपने खास ह्यूमर के लिए जाने जाते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सोमवार को खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में भी कुछ ऐसा हुआ कि दर्शक तो दर्शक अंपायर भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। बात सिर्फ इतनी सी नहीं है। पोलार्ड अपनी टीम के लिए एक रन तो बचाया ही साथ ही अंपायर को अपना फैसला बदलने पर मजबूर भी कर दिया। दरअसल, कप्तान पोलार्ड 25वां ओवर करने आए। सामने असगर अफगान 9 रन पर बैटिंग कर रहे थे। पहली गेंद फेंकने के लिए उन्होंने रेस लगाई और ऐक्शन भी वैसा ही किया, लेकिन गेंद हाथ से छोड़ी ही नहीं। गेंद डेड बॉल करार दी गई। यहां रोचक बात यह हुई कि जब पोलार्ड गेंद करने के लिए आगे बढ़े तो उनका फ्रंट फुट क्रीज से बाहर चला गया था और गेंद नो-बॉल थी। इसी वक्त फील्ड अंपायर ने जोर से चिल्लाकर नो-बॉल कहा। 

पोलार्ड ने आवाज सुनते ही गेंद नहीं करने का फैसला कर लिया और अपना हाथ रोक लिया। फिर क्या था हंसते हुए अंपायर को इसे डेड बॉल में बदलना पड़ा। अंपायर के इस फैसले के बाद कॉमेंटेटर भी हंसने लगे। रिप्ले में भी दिख रहा था कि पोलार्ड की पैर क्रीज से बाहर था और अगर वह गेंद कर देते तो नो-बॉल होती। इसका विडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सलामी बल्लेबाज शाई होप की शानदार शतकीय पारी की बदौलत वेस्‍ट इंडीज ने अफगानिस्‍तान को तीसरे और आखिरी वनडे में पांच विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से जीत ली। वर्ष 2014 के बाद पहली बार वनडे सीरीज में क्‍लीन स्‍वीप के इरादे से उतरी वेस्‍ट इंडीज के एविन लेविस (1) और शिमरॉन हेटमेयर (0) के विकेट तीसरे ओवर में ही गिर जाने के बाद सारी उम्‍मीदें एक बार फिर होप पर टिकी थीं, जिन पर खरा उतरते हुए उन्‍होंने अपने कैरियर का सातवां शतक जड़ा और टीम को जीत‍ दिलाकर ही दम लिया। मैन ऑफ द मैच होप ने 145 गेंदों पर 109 रन बनाए। वेस्‍ट इंडीज ने आखिरी बार वर्ष 2014 में बांग्‍लादेश के खिलाफ क्‍लीन स्‍वीप किया था। विश्‍व कप टूर्नमेंट से शुरू हुआ अफगानिस्‍तान का निराशाजनक प्रदर्शन इस सीरीज में भी जारी रहा। यह मैच लखनऊ के भारत रत्‍न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्‍ट्रीय स्‍टेडियम में खेला गया।

Related Articles

Back to top button
Close