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इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में होगी कृषि की पढ़ाई

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इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अगले साल कई नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे। कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय ने पहला बीएससी कृषि पाठ्यक्रम रखा है, लेकिन इसके लिए यहां कोई कृषि विभाग नहीं है। ऐसी स्थिति में पाठ्यक्रम को जीव विज्ञान अध्ययनशाला से संचालित किया जाएगा। सितंबर-अक्टूबर में कोर्स का सिलेबस बनाएंगे। हालांकि पाठ्यक्रम की सीटें अभी तय नहीं हुई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक 30 से 60 सीटें रखी जाएंगी। सप्ताहभर पहले विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक हुई। डिप्लोमा फामेर्सी, एमबीए पब्लिक हेल्थ, एमएससी डेटा साइंस, एमवाक इन लाजिस्टिक, बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स को सदस्यों ने मंजूरी दी। ये सारे पाठ्यक्रम सत्र 2023-24 में शुरू होंगे। इनमें विभागों को सीटें तय करना बाकी है। दस साल बाद फार्मेसी अध्ययनशाला में नया कोर्स रखा है। डिप्लोमा फार्मेसी में करीब 30 सीटें हो सकती हैं। आइएमएस से एमबीए पब्लिक हेल्थ भी रखा है। वैसे एमटेक के बाद अब डाटा साइंस विभाग से एमएससी कोर्स शुरू होगा।

डाटा साइंस विषय की मांग बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय ने एमएससी का पाठ्यक्रम तैयार किया है। लाजिस्टिक में डिग्री कोर्स रखा है, जिसमें इंडस्ट्री से एक्सपर्ट को बुलाकर विद्यार्थियों को लाजिस्टिक से जुड़ी बारीकियां बताई जाएंगी। वैसे इन दिनों डिप्लोमा इन लाजिस्टिक पाठ्यक्रम दीन दयाल उपाध्याय केंद्र से संचालित हो रहा है।  शुरूआत में बीएससी कृषि जीव विज्ञान अध्ययनशाला से संचालित होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कृषि संकाय में शिक्षकों की भर्ती करने का विचार किया है। तीन साल में विश्वविद्यालय को कृषि विभाग बनाना है। कुलसचिव अनिल शर्मा का कहना है कि बीएससी कृषि की सीटें व फीस तय किया जाना है। विश्वविद्यालय में अभी कृषि आधारित कोई पाठ्यक्रम नहीं था। इसके चलते शिक्षक भी नहीं है। अब इन्हें पढ़ाने के लिए अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे। पाठ्यक्रम भी बनाया जाएगा।

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