भोपाल

धार का कारम डैम संकट टालने वाले कर्मवीरों का सम्मान

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धार जिले के कारम डेम में आई दरार के कारण अठारह गांव के हजारों लोगों पर आए संकट को टालने इस विपदा की घड़ी में धैर्य और साहस का परिचय देते हुए पोकलेन मशीनों की मदद से बांध की मिट्टी हटाकर पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाने वाले 21 पोकलेन आॅपरेटर, सहायक, बांध का सेल्यूस वॉल्व खोलने वाले और सुपरवाईजरों का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मान किया। इनके अलावा  धार और खरगौन के सरपंच, समाजसेवियों, उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि  पोकलेन आॅपरेटर, सहायकों ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है जिससे इस विपत्ति को टालना संभव हुआ।

सेना, प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ता, सरपंचों ने भी इस मुश्किल घड़ी में अपना सहयोग दिया है। धार जिले में कारम नदी पर बने बांध में आए रिसाव के बाद जब 18 गांव के हजारों लोग विनाशकारी आपदा की कगार पर खड़े थे तब जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान तीन दिनों तक लगातार कई घंटों की मानीटरिंग और कुशल नेतृत्व के माध्यम से जनता पर आए इस संकट को हरने के लिए सारे काम छोड़कर खड़े हुए थे। इस टीम मध्यप्रदेश में एक तरफ रेस्क्यू आॅपरेशन करने वाली टीमों के साथ राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुद को झोंक दिया था।

मौके पर डटे रहे कमिश्नर, आईजी, धार और खरगौन कलेक्टर
बांध को काटने के लिए पोकलेन मशीनों को संचालित करने और बांध का सेल्यूस वॉल्व खोलने वाले इन कर्मचारियसों ने जान तक को जोखिम डालकर आपदा को टालने में जुट गए। अठारह गांवों के लोगों पर आई विपत्ति के समय सीएम के मार्गदर्शन में धार और खरगौन कलेक्टर डटे हुए थे। गांवों को रातों रात खाली कराया। अफरा तफरी रोकने और रेस्क्यू आॅपरेशन की स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए कमिश्नर, आईजी समेत पूरा प्रशासनिक अमला जुटा हुआ था। सेना के जवान, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम जहां गांव को खाली कराना शुरु कर चुकी थी और मंत्री तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव मौके पर जुटे थे। मंत्रालय के सिचुएशन रूम से सीएम ने लगातार स्थिति पर नियंत्रण किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कड़ी चुनौती को कैसे धैर्य, साहस और टीम वर्क के साथ पूरा किया। सीएम इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों के साथ भी लगातार संपर्क में रहे।

इनका सम्मान
पोकलेन मशीन आॅपरेटर शिवकुमार कौल, पप्पू कुमार महतो, संजय भारती, मोहम्मद सैयद आलम, रमेश कुमार कौल, पोकलेन मशीन हेल्पर प्रमोद कुमार, सूरज कुमार कौल, नितिश कुमार, अमित, जयसिंह,  सुपरवाईजर रविसिंह दांगे, विनेश यादव, जितेन्द्र दरबार, बांध का सेल्यूस वॉल्व खोलने का काम करने वाले विजयपाल सिंह,  पोकलेन, बे्रकर आपरेटर मोतीलाल, इंदू, गंगाराम, पोकलेन आॅपरेटर सुनील, श्यामलाल, पोकलेन हेल्पर विजय और संतोष ओसारी का सम्मान किया।

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