छत्तीसगढ़

संस्कृत केवल कर्मकांड की नहीं विज्ञान सम्मत भाषा:डॉ शर्मा

दुर्ग

विश्वनाथ यादव तामस्कर महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) दुर्ग में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का कार्यक्रम 22 मई से 31 मई तक आयोजित किया गया। जिसमें दुर्ग शहर एवं आसपास के गांव से बहुत से विद्यार्थी एवं शिक्षकगण सम्मिलित हुए। प्रभारी प्राचार्य डॉ आस्थाना ने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा पर ज्ञानवर्धक बातें बताई।

शिविर के समापन सत्र में मुख्य अतिथि संस्कृत विद्वान् सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्कृत न केवल कर्मकांड की भाषा है अपितु यह विज्ञान सम्मत है,संस्कृत विज्ञान की भाषा है। हमारे शास्त्रों में विज्ञान हैं। डॉ.शर्मा ने प्रतिवर्ष संस्कृत के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक धीरज शास्त्री ने संस्कृत के व्यवहारिक उपयोग पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने श्लोक और गीतों का वाचन किया।

संयोजक व विभागाध्यक्ष प्रो जनेंद्र कुमार दीवान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बीए के विद्यार्थियों में संध्या, पूर्णिमा, अजय लक्ष्मी, पूर्णिमा, भूमिका ने संस्कृत में सुंदर श्लोको का वाचन किया तथा खिलूदास ,सत्या जोशी ,सतीश चंद्राकर आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस प्रशिक्षण शिविर में ईश्वरी देवांगन, खिलेंद्र साहू एवं श्रीमती नीलम देवांगन,भूगर्भ शास्त्र विभाग से डॉ.एस. डी देशमुख,भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार मिश्र ,अर्थशास्त्र विभाग से डॉ. के पद्मावती और वनस्पति शास्त्र विभाग से डॉ. मोतीराम साहू सहित बहुत से प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. जनेंद्र कुमार दीवान का रहा।

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