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नेवी ने तैनात किए ‘खतरनाक हथियार’, अब चीन-पाक जैसों की खैर नहीं, थर-थर कांपेंगे दुश्मन

नई दिल्ली
व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों को देखते हुए भारतीय नेवी ने समु्द्र में सुरक्षा के इंतजाम और पुख्ता कर दिए हैं। इसके तहत चार डिस्ट्रॉयर, एक फ्रिगेट और एक लंबी रेंज का पी-8I पैट्रोल एयरक्राफ्ट तैनात किया गया है। यह सभी तैनातियां अब सागर और अदन की खाड़ी में की गई हैं, ताकि समुद्री सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त डॉर्नियर और हेलीकॉप्टर्स को भी निगरानी के उद्देश्य से लगाया गया है। गौरतलब है कि हालिया समय में भारतीय समुद्री सीमा में कई हमले हुए हैं। इनमें एमवी रुएन और एमवी चेम प्लूटो पर हुए हमले भी शामिल हैं।

सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम
इन हमलों को देखते हुए भारतीय नेवी अब सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम में जुटी है। इसी के तहत नई तैनातियां की गई हैं। यहां पर तैनात किए गए डिस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स समुद्री सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशंस में भूमिका निभाएंगे। साथ ही यह क्षेत्र में आने वाले व्यापारिक जहाजों की भी मदद करेंगे। पी -8 आई, लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान और दूर से संचालित विमान आरपीए को लगाने का मकसद समुद्र में होने वाली गतिविधियों पर निगाह रखना है। विशेष भारतीय आर्थिक क्षेत्र की प्रभावशाली निगरानी के लिए इंडियन नेवी कोस्टल गार्ड्स के साथ करीबी समन्वय के साथ काम कर रही है।

26 दिसंबर को उठाया था यह कदम
इससे पहले 26 दिसंबर को इंडियन नेवी ने क्षेत्र में पहले से तैनात आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता को मजबूती देने के लिए आईएनएस मोरमुगाओ को भी तैनात किया। यह तैनातियां एमवी चेम प्लूटो पर अरब सागर में हुए ड्रोन हमले के दो दिन बाद ही की गई थीं। अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि अरब सागर में हाल में हुए हमलों को देखते हुए भारतीय नौसेना ने प्रतिरोधक उपस्थिति बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मोरमुगाओ, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता तैनात किए हैं। भारतीय नौसेना समग्र स्थिति की निगरानी करने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्य राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ भी काम कर रही है।

 

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