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2024 में भी गुलजार रहेगा शेयर बाजार, निवेशकों की संपत्ति 80.62 लाख करोड़ रुपये बढ़ी

मुंबई
विश्व बाजार के स
कारात्मक रुख और स्थानीय स्तर पर जबरदस्त लिवाली से बीते सप्ताह डेढ़ प्रतिशत से अधिक के उछाल पर रहे घरेलू शेयर बाजार में अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दर में कटौती शुरू करने की उम्मीद और बांड यील्ड में गिरावट की बदौलत नये साल के शुरुआती सप्ताह में भी तेजी का सिलसिला जारी रहेगा।

बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1133.3 अंक अर्थात 1.6 प्रतिशत की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 72240.26 अंक हो गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 382 अंक यानी 1.8 प्रतिशत उछलकर 21731.40 अंक पर पहुंच गया।

समीक्षाधीन सप्ताह में दिग्गज कंपनियों की तरह बीएसई की मझौली और छोटी कंपनियों में भी जमकर लिवाली हुई। इससे मिडकैप 956.54 अंक अर्थात 2.7 प्रतिशत की उड़ान भरकर सप्ताहांत पर 36839.22 अंक और स्मॉलकैप 672.01 अंक यानी 1.6 प्रतिशत की तेजी के साथ 42673.76 अंक पर रहा।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वर्ष 2023 के आखिरी कारोबारी दिन हल्की मुनाफावसूली के बावजूद वैश्विक बाजार के सकारात्मक रुख के कारण घरेलू बाजार में मजबूती रही। यह बढ़त अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों और वैश्विक मुद्रास्फीति परिदृश्य में नरमी से प्रेरित है। इसके अलावा लाल सागर में व्यवधान में कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश प्रवाह में उलटफेर ने बाजार को नई ऊंचाई छूने में मदद की।

साथ ही वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद और सकारात्मक बाजार दृष्टिकोण सहायक कारक हैं। यदि समूहवार देखें तो बीते सप्ताह ऑटो और एफएमसीजी ने मांग में सुधार की उम्मीद में बेहतर प्रदर्शन किया जबकि मुनाफावसूली के कारण आईटी समूह का प्रदर्शन कमजोर रहा।
जिओजित फाइनेंसियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया, “अमेरिका में दरों में कटौती की उम्मीद और बांड यील्ड में गिरावट के कारण अगले वर्ष की शुरुआत के दौरान बाजार में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। हमें वर्ष 2024 में बाजार में 10 से 12 प्रतिशत के मामूली रिटर्न की उम्मीद है। इसलिए, निवेश पैटर्न को बहु-परिसंपत्तियों में विविधता लाने की सलाह दी जाती है। जब इक्विटी लंबी अवधि के लिए दीर्घकालिक औसत से ऊपर कारोबार कर रही हो तो निवेश का विविधतापूर्ण होना जरूरी है। हम मानते हैं कि नया साल सेक्टर और श्रेणी के लिहाज से उलटफेर का साल होगा। हमें मिडकैप और स्मॉल कैप की तुलना में लार्जकैप पर फोकस करना चाहिए।”

बीते सप्ताह सोमवार को क्रिसमस पर अवकाश के कारण बाजार में चार दिन कारोबार हुआ। इनमें से तीन दिन तेजी और एक दिन गिरावट रही। विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर आईटी और टेक को छोड़कर शेष अठारह समूहों में हुई लिवाली कि बदौलत मंगलवार को शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भी तेजी बरकरार रही। सेंसेक्स 229.84 अंक की छलांग लगाकर 71,336.80 अंक और निफ्टी 91.95 अंक की तेजी के साथ 21,441.35 अंक पर पहुंच गया।
अमेरिका में महंगाई पर लगाम लगने से फेड रिजर्व के अगले साल से ब्याज दरों में कटौती शुरू करने की बढ़ी उम्मीद से विश्व बाजार में आई तेजी की बदौलत स्थानीय स्तर पर कमोडिटीज, ऑटो, धातु और बैंकिंग समेत पंद्रह समूहों में हुई लिवाली से बुधवार को सेंसेक्स 701.63 अंक की छलांग लगाकर पहली बार 72 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 72,038.43 अंक और निफ्टी 213.40 अंक की तेजी के साथ 21,654.75 अंक पर रहा।

विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत गुरुवार को सेंसेक्स 371.95 अंक की छलांग लगाकर सार्वकालिक उच्चतम 72,410.38 अंक और निफ्टी 123.95 अंक उछलकर पहली बार 21778.70 अंक पर पहुंच गया।

वहीं, विश्व बाजार के सकारात्मक रुझान के बावजूद स्थानीय स्तर पर ऊर्जा, आईटी, बैंकिंग और तेल एवं गैस समेत सात समूहों में हुई मुनाफ़ावसूली से शुक्रवार को साल के अंतिम कारोबारी दिवस शेयर बाजार की लगातार छह दिन तेजी थम गई। सेंसेक्स 170.12 अंक लुढ़ककर 72,240.26 अंक और निफ्टी 47.30 अंक की गिरावट लेकर 21,731.40 अंक रह गया।

 

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