राजनीति

अभिषेक मनु सिंघवी को ममता ने दरकिनार करते हुए पत्रकार सागरिका घोष को टिकट दिया

कोलकाता

ममता बनर्जी ने राज्यसभा की चार सीटों के चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। इस बार अभिषेक मनु सिंघवी को दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी ने प्रोफेशनल कोटे से पत्रकार सागरिका घोष को टिकट दिया है। यह कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल इससे पहले ममता बनर्जी ने कांग्रेस के कम विधायक होने के बावजूद अपने विधायकों से समर्थन दिलवाकर वकील अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा भिजवाया था। INDI गठबंधन में बिखराव की खबरों के बीच यह कांग्रेस के लिए एक और बड़ा झटका है। वहीं  ममता बनर्जी ने चार उम्मीदवारों के जरिए लोकसभा चुनाव के समीकरण भी साधने की कोशिश की है।

ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पत्रकार सागरिका घोष, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, मतुआ समुदाय से आने वाली ममता बाला  ठाकुर और पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक को राज्यभा भेजने का फैसला किया है। 27 फरवरी को राज्यसभा के चुनाव होने हैं। ममता बनर्जी ने महिला वोटर्स को लुभाने के लिए चार में से तीन महिलाओं को टिकट दिया है। वहीं मतुआ  और अल्पसंख्यकों को साधने के लिए भी दो नामों का ऐलान किया है।

सुष्मिता देव ने कहा, मैं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने मुझे एक बार फिर राज्यसभा के लिए अवसर दिया है। मैं उनकी आभारी हूं।

ममता बाला ठाकुर को टिकट देकर ममता बनर्जी ने 2024 चुनाव के लिए  बड़ा दांव खेला है। मतुआ लीडर ममता ठाकुर का नाम इसलिए अहम है क्योंकि हाल ही में अमित शाह ने ऐलान किया था कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएए लागू किया जाएगा। ऐसे में ममता बनर्जी मतुआ समुदाय को साधने की कोशिश कर रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में ममता ठाकुर को शांतनु ठाकुर के खिलाफ टिकट दिया गया था। भाजपा के शांतनु के आगे उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

ममता बनर्जी ने कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी को समर्थन देने की बजाय इस बार पत्रकार सागरिका घोष को राज्यसभा भेजने का फैसला किया जो कि टीएमसी की सदस्य भी नहीं हैं। बताया जा रहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के साथ डील ना हो पाने की वजह से उन्होंने सिंघवी को किनारे कर दिया। कांग्रेस की बात करें तो उसके खाते में 10 ही सीटें जाती दिख रही हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के अंदर भी सबको संतुष्ट कर पाना मुश्किल हो रहा है। वहीं सूत्रों का कहना  है कि इस बार सोनिया गांधी भी राज्यसभा जा सकतीहैं।

 

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