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कोरोना के प्रति 10 लाख की आबादी पर सबसे कम केस और मौतें, संसद में सरकार ने थपथपाई अपनी पीठ

नई दिल्ली
कोरोना के खिलाफ जंग में केंद्र सरकार ने एक बार फिर अपनी पीठ थपथपाई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देश में कोरोना महामारी से जुड़े आंकड़े दुनिया के न्यूनतम में से है। उन्होंने कहा कि देश में प्रति 10 लाख की आबादी पर 25 हजार केस दर्ज किए गए तो 340 लोगों की मौत हुई, जोकि दुनिया के सबसे कम केसों और मौतों में शामिल है। मंत्री ने आगे कहा कि देश में कुल 3.46 करोड़ लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 4.6 लाख की मौत हुई है और मृत्यु दर 1.36 फीसदी है। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य ढांचों को नजरअंदाज करने वाली पिछली सरकारों को दोष देने की बजाय नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार इसे मजबूत करने में जुटी है। उन्होंने कहा, ''स्वास्थ्य ढांचे को नजरअंदाज करने वाली पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने की जगह हमने परिणाम के लिए काम किया। पिछले दो साल में पीएम मोदी के नेतृत्व में लिए गए फैसले दिखाते हैं कि यह सरकार विलपावर (इच्छाशक्ति) से काम करती है, पावर (ताकत) से नहीं।

मांडविया ने कहा कि भारत में कोविड-19 का पहला केस 13 जनवरी 2020 को केरल में मिला था। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से गठित संयुक्त निगरानी समिति की पहली बैठक 8 जनवरी को हुई थी। उन्होंने आगे कहा, ''इसका मतलब है कि हम अलर्ट थे, केस मिलने से पहले कमिटी का गठन कर दिया गया था और इसने काम शुरू कर दिया था।'' इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्षी पार्टियों से अपील की कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन संकट पर राजनीति ना की जाए और जीवन रक्षक गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए प्रयास पर ध्यान दिया जाए।

 

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